pcod meaning in hindi

pcod meaning in hindi- pcod के कारण, लक्षण व सारे उपचार

pcod meaning in hindi…

जो चाहें वो पढ़ें hide
1 pcod meaning in hindi…
1.2 pcod symptoms in hindi- pcod के लक्षण…
  • pcod meaning in hindi : को जानने से पहले थोड़ी सी जानकारी इसके बारे में होने बहुत जरूरी है,
  • पीसीओडी या pcos यानी कि पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है,
  • यह समस्या हारमोंस के बदलाव के कारण होती है,
  • इस समस्या में महिलाओं में पुरुष हार्मोन(testosterone) का स्तर बढ़ जाता है,
  • तथा महिलाओं वाले हारमोंस(estrogen and progesterone) का स्तर कम हो जाता है,
  • जिसकी वजह से ओवरीज में छोटी-छोटी गांठे या कहें cysts बन जाती हैं,
  • जिस कारण जो ओवरीज में एग्स होते हैं वह सही समय पर release नहीं हो पाते,
  • जिस कारण महिलाएं सही समय पर गर्भवती नहीं हो पाती,
  • इस तरह की महिलाओं में पुरुषों के समान लक्षण भी देकर जाते हैं,
  • इस प्रकार की समस्या में अंडेदानियों(ovaries) का साइज कई महिलाओं में दो से 3 गुना बढ़ जाता है,
  • यह इसलिए होता है क्योंकि अंडदानियों में कई तरह की गांठे होती हैं व ये गांठे अंडदानियों पर काफी दबाव डालती है,
  • पीसीओडी के कारण महिलाओं में जो मासिक धर्म होता है उसमें भी अनियमितता देखी जाती है,
  • इसके कारण कई महिलाएं डिप्रेशन का शिकार भी हो जाती हैं

और इसके कारण कई बार महिलाओं में चिड़चिड़ापन भी बढ़ जाता है


pcod in hindi- pcod के कारण…

pcod meaning in hindi
PCOD
  • pcos in hindi: पीसीओडी के प्रमुख के कारण, पीसीओडी क्यों होता है इसके क्या कारण है इसका अभी तक डॉक्टरो को भी सही से नहीं पता,

हां कुछ एक कारण जो कि डॉक्टरों के द्वारा माने जाते हैं, वह नीचे इस प्रकार हैं

१.अनुवांशिक कारण(heredity)…

  • पहले कारण में अनुवांशिक कारण आते हैं जैसे,
  • पीढ़ी दर पीढ़ी किसी के अगर पेरेंट्स को माता-दादी आदि को इस प्रकार की समस्या रही हो तो,
  • उस प्रकार की महिलाओं में पीसीओडी की समस्या ज्यादा देखी जाती है|

२.मानसिक तनाव…

  • दूसरा कारण इसका स्ट्रेस को माना जाता है,
  • कई महिलाओं में यह देखा गया है कि जो महिलाएं ज्यादा तनाव या डिप्रेशन में रहती हैं,
  • उनमें पीसीओडी के लक्षण ज्यादा पाए जाते हैं|

३. मोटापा…

  • तीसरा प्रमुख कारण वजन का ज्यादा होना माना जाता है,
  • मोटी महिलाओं में पतली महिलाओं की तुलना में पीसीओडी की समस्या काफी ज्यादा देखी जाती है,
  • ऐसी महिलाएं जो अपनी दिनचर्या में ज्यादा हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड खाती हैं,
  • जैसे पिज़्ज़ा बर्गर पेस्टी आदि और जो सारा दिन आरामदायक जीवन(sedentary life style) व्यतीत करती हैं,
  • उनमें पीसीओडी या पीसीओएस की समस्या ज्यादा पाई जाती है|

४.धुम्रपान करना…

  • इसका एक कारण स्मोकिंग को भी माना जाता है, स्मोकिंग से मेल हार्मोन ट्रिगर होता है,
  • जिस कारण पीसीओडी की समस्या बढ़ती है
  • भारत में 10 में से 5 औरतों को पीसीओडी की समस्या पाई जाती है,

यह सारे कारण एग्जैक्ट कारण नहीं है,

  • एग्जैक्ट कारणों का अभी तक कुछ भी सही तरीके से पता नहीं चला है ये तो एक अनुमान है,
  • मेरी राय में जो महिलायें मोटी होती है उनमे ये समस्या सबसे ज्यादा होती है,
  • क्योंकि हमने अभी तक जितने भी मरीज़ इससे प्रभावित देखें है,

उनमे सबसे अधिक वो महिलायें है जिनका ओंस्तन वज़न नार्मल से काफी ज्यादा होता है|


pcod symptoms in hindi- pcod के लक्षण…

पीसीओडी के वैसे तो बहुत सारे लक्षण देखे जाते हैं पर प्रमुख लक्षणों में सबसे ज्यादा जो लक्षण देखा जाता है वह होता है,

१. मासिक धर्म का नियमत न होना…
  • मासिक धर्म में का नियमित ना होना, इसमें कई बार मासिक धर्म लंबे समय तक चलता है,
  • कई बार महावारी दो दो महीनो तक नहीं होती,
  • और कई बार थोड़ी-थोड़ी स्पोटिंग होती है,
  • कई बार जो मासिक धर्म होता है उस में बहुत ज्यादा दर्द होता है,
२. गर्भधारण ना कर पाना (निःसंतानता)…
  • गाइनेकोलॉजिकल सिम्टम्स में गर्भधारण ना करना यह पीसीओडी का प्रमुख लक्षण है
३. jawline मुहासे…
  • कई महिलाओं में मुहांसों का होना भी पीसीओडी का एक लक्षण है,
  • आमतौर पर यह मुंहासे किशोरावस्था के बाद होती हैं,
  • और यह काफी पेनफुल होती हैं, काफी दवा करने के बाद भी यह ठीक नहीं होती, और इनका एक खास पैटर्न होता है,
  • जिसे जा-लाइन acne बोलते हैं, ऐसे पेशेंट्स में पीरियड्स कई बार बिल्कुल रेगुलर होते हैं ऐसा कई बार देखा गया है|
४. अनचाहे बाल…
  • कुछ महिलाओं में अनचाहे बाल जैसे,
  • गालों पर, ठुड्डी पर, पीठ पर, छाती पर और ऐसी कई जगह पर जैसे पुरुषों में होते हैं ये सब देखें जाते है,
  • यह बाल पीसीओडी के पेशेंट में देखे जाते हैं, यह इसलिए होता है क्योंकि उनमें मेल हार्मोन की अधिकता होती है|
५. बालों का झड़ना…
  • बालों का झड़ना भी pcod का एक प्रमुख लक्षण है,
  • कई महिलाओं में पीसीओडी के कारण बाल बहुत पतले हो जाते हैं (एंड्रोजेनिक हेयर थिनिंग),
  • और धीरे-धीरे झड़ने लगते हैं और उनकी जो चोटी होती है वह धीरे-धीरे पतली होती जाती है,

और बालों की डेंसिटी कम होती जाती है|

६. Acanthosis nigricans…

इस समस्या में शरीर के कई हिस्सों पर जैसे कि माथे पर या स्किनफोल्ड में,

  • जैसे अंडर आर्म्स में pigmentation हो जाती है जिसमे डार्क ब्राउन या ब्लैक स्पॉट्स या पिगमेंटेशन देखी जाती है,

इसके अतिरिक्त pcod के पेशेंट्स में…

  • मधुमेह
  • मोटापा
  • एंडोमेट्रियल कैंसर
  • ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया
  • हृदय की समस्याएं
  • अवसाद

आदि बिमारियां भी पायी जाती है,कुछ अन्य बिमारियां जिनमे pcod की तरह लक्षण दिखाई देते है जैसे कि…

  • एड्रिनल हाइपरप्लासिया
  • थायरॉयड समस्या
  • प्रोलैक्टिन हर्मोन का उच्च स्तर होना आदि

pcos in hindi- मेडिकल जांच या pcod का निदान…

१. पेल्विक अल्ट्रासाउंड…
pcod meaning in hindi
IMAGE CREDIT-FREEPIK
  • इससे pcod का निदान बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है,
  • आप अपने डाक्टर से मशवरा कर किसी भी जगह ये जांच करवा सकते है,
  • इसमें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं होती,
  • और न ही कोई दर्द होता है बस केवल १० से १५ मिनट्स में ये टेस्ट हो जाता है,

इसलिए बिना किसी घबराहट के आपको ये टेस्ट करवाना चाहिए |

२. हार्मोनल जांच…
  • इसका दूसरा निदान हार्मोन जांच है हार्मोन जांच से पीसीओडी का निदान और ज्यादा क्लियर हो जाता है,
  • यह एक प्रकार की खून की जांच होती है,
  • इसमें आपकी बाजू से थोड़ा खून निकाल कर उसमें हारमोंस की जांच की जाती है,
  • और इस जांच से पीसीओडी का निदान करने में और ज्यादा मदद मिलती है

pcod का उपचार-pcod in hindi…

इसके कई विकल्प है जैसेकि…

  • आप मॉडर्न एलोपैथिक डाक्टरों से मशवरा कर,
  • या फिर आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक डाक्टरों से मशवरा करके इसका समाधान पा सकते है,
  • इसके अतिरिक्त काफी सारे घरेलू उपचार भी है जिनकी मदद से आप इस pcod से निजात पा सकते है,
  • मेरी राय में सबसे पहले आपको अपनी स्त्री रोग विशेषज्ञ से मशवरा करके इसका सही से निदान कर इसका उपचार शुरू करना चाहिए मेरी राय में pcod को ठीक करने के लिए सबसे जरूरी कदम जो है वो ये है…

१. वज़न कम करना…

  • सबसे ज्यादा पेशेंट्स जिने pcod की समस्या है उनका वज़न काफी होता है,
  • इसलिए अगर आप प्राकृतिक रूप से इसे ठीक करना चाहते है,
  • तो आपको अपना वज़न कम करना ही होगा, वज़न को कम किये बिना pcod का उपचार संभव ही नहीं है
  • इसके लिए आपको रोजाना अपने आहार में परिवर्तन करना होगा,
  • आपको कम कैलरी वाले फूड प्रोडक्ट्स खाने होंगे,
  • इसमें आपको ज्यादा स्टार्च वाले पदार्थ जैसे कि आलू शकरकंदी केला आम इत्यादि पदार्थों के सेवन से बचना होगा,
  • इसके अतिरिक्त आपको ज्यादा मीठे पकवान खाने बंद करने होंगे जैसे कि पेस्ट्रीज आइसक्रीम कोल्ड ड्रिंक्स इत्यादि,
  • आपको ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले फूड प्रोडक्ट्स जैसे कि पिज़्ज़ा बर्गर पास्ता इत्यादि से दूर रहना होगा,
  • pcod के उपचार में वज़न को कम करना सबसे ख़ास उपचार है,

आपको आपकी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करना होगा,

  • इसके लिए आप रोजाना सुबह सैर कर सकते हैं या योगा कर सकते हैं,
  • या फिर हल्की-फुल्की कई तरह की और एक्सरसाइजेज भी कर सकते हैं,
  • एक बात आप अच्छी प्रकार से समझ ले कि बिना वजन कम किए पीसीओडी को ठीक नहीं किया जा सकता,
  • इसलिए आप अपना वजन कम करने के लिए हर एक घरेलू उपाय या अन्य टेक्निक्स की मदद ले सकते हैं,
  • यकीन मानिए 100 में से 90 पेशेंट्स वजन कम करने से ही ठीक हो जाते हैं,
  • वजन कम करने के लिए आप मेरे नीचे लिखें आर्टिकल पर क्लिक कर और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं,
  • इन आर्टिकल्स में मैंने वजन को कम करने के लिए बहुत ही प्रभावशाली तरीकों का वर्णन किया है,

इसलिए आप इनका खूब लाभ उठाएं और अपना वजन गारंटी से कम करें

#कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न

#वजन कम करने के लिए घरेलू उपाय

२. इन्सुलिन Resistance कम करें…
  • पीसीओडी के पेशेंट्स में यह एक बात देखी गई है कि उनमें इंसुलिन की रजिस्टेंस होती है,
  • जिसके कारण उनके खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ा हुआ रहता है जिस वजह से उनमें वजन बढ़ने लगता है,
  • और कई पेशेंट को तो मधुमेह जैसी बीमारियां भी हो जाती है,
  • इसलिए जरूरी है कि पीसीओडी के पेशेंट्स अपनी डाइट में ज्यादा स्टार्च वाले मतलब ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले पदार्थ जैसे,
  • बर्गर, पिज़्ज़ा, पास्ता, चपाती, चावल, मैदा आदि का सेवन कम करें,
  • ताकि उनके खून में ग्लूकोस का स्तर ज्यादा ना बढ़े,
  • क्योंकि ग्लूकोज का स्तर जितना ज्यादा होगा उतना ही ज्यादा इंसुलिन प्रोड्यूस होगा,
  • और इंसुलिन की पहले से ही रजिस्टेंस होने के कारण यह मधुमेह को और बढ़ाएगा,

इसलिए आपको ज्यादा प्रोटीन वाले आहार का सेवन करना चाहिए


pcod की दवाइयाँ-pcod meaning in hindi…

  • ऐसी बहुत सी दवाएं है जिनका यूज़ PCOD को ठीक करने के लिए किया जाता है उनमे से कुछ खास नीचे लिखी गयी है,
१.टेबलेट METFORMIN…
  • मेटफॉर्मिन का प्रयोग टाइप 2 मधुमेह में किया जाता है,
  • लेकिन यह दवा पीसीओडी के पेशेंट्स में भी इस्तेमाल की जाती है,
  • और इसका पीसीओडी के पेशेंट में बहुत अच्छा रिजल्ट मिलता है,
  • यह इसलिए है क्योंकि मेटफॉर्मिन इन्सुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है तथा ग्लूकोज के स्तर को ठीक करता है,
  • और साथ में  ओवरीज की कार्यप्रणाली में भी सुधार करता है,
  • व ओवुलेशन प्रोसेस को भी ठीक करता है,
  • इसीलिए मेटफार्मिन पीसीओडी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दवा है,
  • इस दवा का कोई भी खास साइड इफेक्ट नहीं है,
  • और ज्यादातर डॉक्टर मेटफॉर्मिन का इस्तेमाल पीसीओडी को ठीक करने के लिए करते हैं,
  • व साथ में वजन को कम करने की सलाह देते हैं,ये दवा वज़न को कम करने में भी सहायता करती है,
  • ये 500 से 1000 MG की मात्रा में मार्किट में उपलब्द है,
  • pcod के कारण,लक्षण व सारे उपचार में METFORMIN का यूज़ करना दुसरे नंबर का सबसे IMPORTANT उपचार है,
  • अपने डाक्टर से मशवरा कर इसे शुरू कर सकते है
३. ओरल गर्भ निरोधक (ORAL CONTRACEPTIVE PILLS)…
  • इनका इस्तेमाल तबी किया जाता है,
  • जब आप गर्भ धारण करने की योजना ना बना रहें हो,
  • इनको मेत्फोर्मिन के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है ये निर्णय आपका डाक्टर करता है,
  • ये दवाएं HORMONES के LEVELS में सुधार करती ,
  • है व मेल सेक्स हॉर्मोन को भी कण्ट्रोल करती है,
  • जिसकी वजह से HIRSUTISM यानिके अनचाहे बाल आना आदि समस्या को ठीक करने में मददगार है,
  • व नियमित मासिक धर्म को भी नियंत्रित करने में मदद करती है, 
  • पर बिना डाक्टरी सलाह इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता |
४. स्पिरोनोलैक्टोन आदि
५. LH-releasing hormone (LHRH) analogs
७. clomiphene citrate

  • पीसीओडी की समस्या के साथ गर्भाधान करने में बहुत अधिक कठिनाई हो सकती है,
  • यह इसलिए होता है क्योंकि ओवुलेशन जो होता है वह असामान्य हो जाता है जैसा कि ऊपर बताया गया है,
  • इसीलिए अगर आप संतान उत्पत्ति की कोशिश करते हैं,
  • तो आपको आपकी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने वाली तथा ओवुलेशन को इंड्यूस करने वाली दवाएं,
  • जैसे क्लोमीफीन या लेट्रोजोल का भी इस्तेमाल अपने डॉक्टर की सलाह पर कर सकते हैं,

यह यह दवाएं जब मेटफॉर्मिन के साथ इस्तेमाल की जाती हैं तो इनसे काफी अच्छे रिजल्ट्स पेशेंट्स में देखे जाते हैं|


PCOD और निःसंतानता-pcod meaning in hindi…

  • गर्भधारण ना होना यह केवल पीसीओडी के कारण नहीं होता है,
  • बहुत सी महिलाएं हैं जिनमें पीसीओडी है फिर भी वह अच्छी प्रकार से गर्भ धारण करती हैं और अपनी संतान को जन्म देती हैं,
  • इसीलिए केवल यह समझना कि मुझे पीसीओडी है इसीलिए मैं संतान उत्पन्न नहीं कर सकती यह बिल्कुल गलत धारणा है,
  • संतान का ना होना या गर्भधारण का ना होना इसके और भी अन्य कारण है,
  • प्रत्येक स्त्री को अगर वह गर्भधारण करने में असफल हो रही है,
  • तो इसके अन्य कारणों का विश्लेषण भी ध्यान पूर्वक करना चाहिए,
  • इसके लिए अपने डॉक्टर से अच्छी तरह से मशवरा करना चाहिए और जो भी अन्य जांच आपका डॉक्टर आपको बताता है,
  • वह सारी जांच आपको करवानी चाहिए,

गर्भाधान ना हो सकने के कुछ एक कारण यह भी होते हैं जैसे कि…

  • गोनैडोट्रोपिन डिग्री में CHANGE होना
  • हाइपरएंड्रोजेनिमिया
  • हाइपरिन्सुलिनमिया
  • ट्यूबल ब्लॉकेज
  • यौन संचारित कई प्रकार के रोग आदि 

इसीलिए आपको अपने डाक्टर से कंसल्ट कर प्रेगनेंसी ना होने के सही कारण का पता लगा उसका सही से उपचार करवाना चाहिए


पीसीओडी / पीसीओएस की जटिलताएं-pcod in hindi…

  • इससे एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है
  • बांझपन (INFERTILITY) (पॉलीसिस्टिक अंडाशय रोग का प्रारंभिक उपचार बांझपन को रोकने में मदद कर सकता है) 
  • मोटापे से संबंधित (बीएमआई 30 से अधिक और कमर परिधि 35 से अधिक)
  • जैसे उच्च रक्तचाप
  • हृदय की समस्याएं
  • मधुमेह
  • स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है|

आयुर्वेदिक सन्दर्भ में pcod-(pcod meaning in hindi)…

  • आयुर्वेद में पीसीओडी को कफपित्त दोष विकार मानते हैं,
  • इसके लिए पंचकर्मा का इलाज बहुत ही इफेक्टिव है,
  • पंचकर्मा में भी वमनकर्म के रिजल्ट्स पीसीओडी में काफी अच्छे देखे गए हैं,
  • इसके अतिरिक्त अन्य प्रकार की हर्बल मेडिसिन्स का प्रयोग भी इसमें किया जाता है जैसेकि शिवागुटिका वटी आदि,
  • आयुर्वेदिक इलाज़ में समय लगता है पर ये रोग को समूल खत्म करने का दम रखता है,
  • इसके लिए आपको एक बढ़िया आयुर्वेदिक हॉस्पिटल का चयन करना होगा,

जहाँ पर आयुर्वेद विशेषज्ञ के द्वारा आपका पंचकर्मा व शुद्ध देसी जड़ी बूटियों से इलाज़ हो सके |


pcod में homeopathic मेडिसिन्स(pcod meaning in hindi)…

  • १. APIS-MEL 30 C…की २ बूँद दिन में तीन बार ले सकते है,
  • २. PULSATILLA NIGRICANS…२ बूंद दिन में दो बार ले सकते है,
  • ३. SEPIA 30 C…इसकी भी २ बूंद दिन में तीन बार ले सकते है ,
  • ४. lachesis 30…इसकी भी २ बूंद दिन में तीन बार ले सकते है,
  • ५. GRAPHITIS 30…इसकी २ बूंद दिन में सिर्फ एक बार लेना है,
  • ६. CALCAREA CARB 30 C
  • ७. thuja 200 C…२ बूंद रात को या दिन में एक बार उपर लिखी किसी भी दवा के साथ जरूर ले,
  • ८. calcaria fluorica6x…इसकी 4 गोली दिन में तीन बार लेना है,इसके साथ THUJA 200 की 2 बूंद सुबह एक बार भी लेना है|

निष्कर्ष…

पीसीओडी के इलाज में होम्योपैथिक मेडिसिंस भी असरदार है लेकिन होम्योपैथी में काफी मेडिसिंस है,

  • और इन मेडिसिंस का प्रयोग अलग-अलग लक्षणों के आधार पर किया जाता है,
  • इसलिए सही होम्योपैथिक इलाज के लिए आपको होम्योपैथिक विशेषज्ञ से संपर्क करना होगा,
  • होम्योपैथिक मेडिसिन भी आयुर्वेदिक मेडिसिंस की तरह लगभग हानि रहित होती है,
  • इसलिए कोई भी व्यक्ति इनका सेवन कर सकता है,
  • आयुर्वेद या होम्योपैथी में कोई भी एक मेडिसन किसी एक रोग के लिए नहीं होती,
  • बल्कि एक ही मेडिसन भिन्न भिन्न प्रकार के रोगों में इस्तेमाल की जाती है,
  • यह सब आयुर्वेदिक यहां होम्योपैथिक विशेषज्ञ पर निर्भर करता है
  • कि वह कौन सी मेडिसन का कॉन्बिनेशन आपको PRESCRIBE करता है,
  • इसलिए भ्रम में ना पड़े अगर कोई भ्रम हो तो आयुर्वेदिक यहां होम्योपैथिक विशेषज्ञ से संपर्क करें|

मेरी राय…

  • हालांकि पीसीओडी का अभी तक कोई भी प्रॉपर इलाज नहीं है,
  • इसीलिए मेरी राय में अगर आप पीसीओडी से पीड़ित है तो,
  • आपको अपनी लाइफ स्टाइल में सुधार करना चाहिए आपको नित्य प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए,
  • और अपना वजन नहीं बढ़ने देना चाहिए इसके लिए आपको मानसिक रूप से भी खुश रहना चाहिए,

क्योंकि हमने ऐसे बहुत से पेशेंट देखे हैं जिन्होंने अपने पीसीओडी का बहुत उपचार कराया,

  • लेकिन कोई जायदा फायदा नहीं हुआ पर जब उन्होंने अपने लाइफ स्टाइल में है सुधार किया अपना वजन कम किया,
  • तो पीसीओडी होते हुए भी वह संतान सुख का अनुभव कर रहे हैं,
  • हां अगर आपकी समस्या काफी गंभीर है तो,
  • आप संतान सुख के लिए आईवीएफ जैसे मॉडर्न उपचार के के माध्यम से गर्भाधान कर संतान सुख प्राप्त कर सकते हैं,
  • आईवीएफ तकनीक आजकल काफी विकसित हो चुकी है और बड़े ही लोग इसका फायदा उठा रहे हैं,
  • इसके लिए आपको आईवीएफ एक्सपर्ट डॉक्टर से सलाह मशवरा करना अति आवश्यक है,

मेरा पता…

Dr.V.K.GOYAL, GOYAL SKIN AND GENERAL HOSPITAL, NEAR BUNTY HEALTH CLUB, GIDDARBAHA, MUKTSAR, PUNJAB

“pcod meaning in hindi” का विस्तारपूर्वक वर्णन मैंने उपर किया है,

  • अगर किसी की कोई query है तो वो मुझे मेल कर अपना सवाल पूछ सकता है,

मेरा मेल [email protected]


अस्वीकरण(disclaimer)…

  •  इस लेख की सामग्री व्यावसायिक चिकित्सा सलाह(professional medical advice), निदान(diagnosis) या उपचार(ट्रीटमेंट) के विकल्प के रूप में नहीं है।
  • चिकित्सीय स्थिति के बारे में किसी भी प्रश्न के लिए हमेशा चिकित्सीय(doctor कंसल्टेशन) सलाह लें।
  • उचित चिकित्सा पर्यवेक्षण(without proper medical supervision) के बिना अपने आप को, अपने बच्चे को, या किसी और का  इलाज करने का प्रयास न करें।

image creditधन्यवाद to www.pixabay.com

  • pcod meaning in hindi” के लेखक : डॉ. वी .के. गोयल आयुर्वेदाचार्य BAMS MD(AM).
    pcod के कारण,लक्षण व सारे उपचार
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