piles in hindi

piles in hindi- बवासीर के कारण,लक्षण व् इलाज़ के सारे विकल्प

what is piles in hindi: Piles गुदा मार्ग (Rectum) में सबसे ज्यादा होने वाला कष्टदायक रोग है जिसको बवासीर, अर्श तथा अंग्रेजी में  Hemorrhoids भी कहते हैं

ज्यादा कब्जियत (Constipation) रहने के कारण मल (Stool) को pass करते वक्त ज्यादा जोर लगाने (Pressure) के कारण गुदा मार्ग में मौजूद शिराएं (Veins) फूलने लगती है जो बाद में मस्सों (Hemorrhoids) के रूप में परिवर्तित हो जाती हैं 

यह मस्से गुदा मार्ग को अवरुद्ध करने लगते हैं तथा कई बार गुदा मार्ग से बाहर भी आने लगते हैं कई बार मल की रगड़ के कारण इन मस्सों से रक्त निकलने लगता है 

जिसे आम भाषा में खूनी बवासीर (Bleeding piles) कह दिया जाता है


बवासीर के प्रकार (types of piles in hindi)

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2 बवासीर के कारण (reason of piles in hindi)

Piles या बवासीर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है जैसे कि… 

1. बादी बवासीर

टॉयलेट करते समय ज्यादा जोर लगाने के कारण गुदा मार्ग में मौजूद खून की शिराएं (Veins) फूल कर् मस्सों के रूप में परिवर्तित हो जाती हैं 

यह स्थिति टांगों में होने वाली वेरीकोस वेंस (Varicose veins) के सामान ही होती है यह मस्से गुदा मार्ग के अंदर एक से डेढ़ इंच तक बढ़ जाते हैं 

  • ज्यादातर मामलों में यह मस्से गुदा मार्ग के भीतर ही मौजूद रहते हैं परंतु कई मामलों में यह मल करते समय गुदा मार्ग के बाहर भी आने लगते हैं इसी स्थिति को बादी बवासीर कहते हैं

कई स्थितियों में यह मस्से आकार में इतने बढ़ जाते हैं जिस कारण गुदा मार्ग ब्लॉक होने लगता है ऐसी स्थिति में मल करते समय बहुत अत्यधिक पीड़ा, जलन व कष्ट उस व्यक्ति को सहना पड़ता है

इन बढ़े हुए मस्सों में कई बार बहुत ज्यादा खुजली तथा जलन होने के कारण पीड़ित व्यक्ति को बैठने में बहुत अधिक कष्ट होता है

2. खूनी बवासीर

खूनी बवासीर क्यों होता है?

बादी बवासीर में जो मस्से गुदा मार्ग के अंदर मौजूद होते हैं उन मस्सों में मल की रगड़ के कारण क्षति (Injury) होने से खून निकलने लगता है 

यह खून मल करते समय गुदा मार्ग से थोड़ी या ज्यादा मात्रा में बूंद बूंद करके बाहर गिरने लगता है इसी स्थिति को खूनी बवासीर कहते हैं

खूनी बवासीर में धीरे-धीरे शरीर में रक्त की कमी होने के कारण पीड़ित व्यक्ति कमजोर पड़ने लगता है उसे चक्कर आने लगते हैं बहुत अधिक दर्द तथा जलन गुदा मार्ग में होने लगती है

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बवासीर के कारण (reason of piles in hindi)

पाइल्स या बवासीर रोग होने के कारण अनेकों हैं परंतु प्रमुख कारण इस प्रकार हैं जैसे कि…

सिगरेट, शराब, चाय व कॉफी का ज्यादा सेवन…

ऐसे पदार्थों का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से आंतों में खुश्की बढ़ने लगती है जिस कारण आंतों में मौजूद मल (stool) कठोर होने लगता है

कठोर मल गुदा मार्ग में मौजूद शिराओं में अत्यधिक दबाव डालने लगता है जिस कारण बवासीर या पाइल्स रोग की शुरुआत होने लगती है

आहार में फाइबर की कमी… 

खाने में सही मात्रा में फाइबर ना होने से कब्जियत की शिकायत हो जाती है जिस कारण मल को पास करते समय जरूरत से ज्यादा प्रेशर गुदा मार्ग की शिराओं (Veins) पर पड़ता है 

जिसकी वजह से धीरे-धीरे यह शिराएं फूल कर मस्सों का रूप ले लेते हैं इसी को बवासीर कह देते हैं

  • पाइल्स (Piles) रोग का सबसे प्रमुख कारण कब्जियत (Constipation) है 

जो ज्यादातर आहार में फाइबर की कमी के कारण होती है इसके अलावा आहार में मिर्च व गरम मसालों के ज्यादा सेवन से भी पाइल्स रोग (Piles) हो सकता है

  • गरिष्ठ भोजन (Heavy meal) का सेवन ज्यादा मात्रा में लगातार करने से भी बवासीर हो सकती है 
  • कई लोगों में बवासीर का कारण अनुवांशिक (Hereditary) भी हो सकता है
  • इसके अलावा मल का वेग (Urgency to pass stool) रोकने की आदत भी बवासीर का कारण बन सकती है
  • किसी एक स्थान पर लगातार घंटों बैठकर (Sitting job) कार्य करने वाले लोगों में भी बवासीर हो सकती है

लिवर की खराबी के कारण भी कई व्यक्तियों को बवासीर की शिकायत हो जाती है


महिला बवासीर के लक्षण (Piles in pregnancy in hindi)

इसके अलावा प्रेग्नेंट स्त्रियों को भी पाइल्स या बवासीर की शिकायत आमतौर पर हो जाती है इसका एक कारण गर्भाशय के बढ़ते हुआ आकार के कारण Anal Canal पर पड़ने वाला दबाव है

दूसरा कारण प्रेगनेंसी के दौरान खाई जाने वाली मल्टी विटामिन तथा आयरन की गोलियां कब्जियत का कारण बन जाती हैं जिससे पाइल्स होने का खतरा बढ़ जाता है

तीसरी मुख्य बात दवाइयों के अलावा भी कब्जियत की शिकायत प्रेगनेंसी में होना आम है जिस कारण गुदा पर दबाव बढ़ने से बवासीर की शिकायत होने का खतरा बढ़ जाता है

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piles stages in hindi

बवासीर या पाइल्स को चार प्रकार की अवस्थाओं में बांटा गया है इसको ऐसे समझे…

Grade 1

इस अवस्था में गुदा मार्ग के भीतर मस्से बनने लगते हैं परंतु पीड़ित व्यक्ति को कोई भी लक्षण या दर्द महसूस नहीं होता

Grade 2

इस अवस्था में मल का विसर्जन करते समय गुदा मार्ग से मस्से बाहर आने लगते हैं तथा मल त्याग करने के पश्चात अपने आप ही अंदर चले जाते हैं

पीड़ित व्यक्ति यह महसूस करता है कि कोई ना कोई चीज गुदा मार्ग के रास्ते मल त्याग के समय बाहर आती है परंतु उसको पूरी तरह से यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती

Grade 3

इस अवस्था में मल त्याग के समय गुदा मार्ग से बाहर आए मस्सों को उंगली से धकेल कर अंदर करना पड़ता है ऐसा करने से मस्से अंदर चले जाते हैं अपने आप नहीं

Grade 4

ऐसी अवस्था में मल त्याग करने के दौरान तथा बाद में भी मस्से गुदा मार्ग से बाहर ही रहते हैं धकेलने के बावजूद भी अंदर नहीं जाते

विशेष नोट-

Grade 1 तथा Grade 2 बवासीर की Stages को घरेलू उपाय तथा सही आहार व परहेज से नियंत्रित किया जा सकता है

परंतु Stage 3 या Stage 4 की अवस्था में 90% से ज्यादा मामलों में शल्य चिकित्सा (Surgery) की मदद से ही बवासीर का सही उपचार किया जाता है


पाइल्स के लक्षण (symptoms of piles in hindi)

  • असहनीय पीड़ा होना विशेष रुप से मल त्याग करते समय
  • कमर के निचले हिस्से में दर्द की अनुभूति
  • गुदा मार्ग में असहनीय जलन तथा खुजली होना
  • पेट दर्द कई मामलों में
  • मल त्याग करते समय मल के साथ रक्त का आना
  • सुई चुभने जैसी वेदना गुदा मार्ग में होना

बवासीर या पाइल्स की बीमारी में पीड़ित व्यक्ति को सबसे ज्यादा परेशानी मल का त्याग करते वक्त बहुत ज्यादा दर्द, जलन व खुजली का होना है

piles के कई मामलों में गुदा मार्ग मे ज्यादा तकलीफ होने के कारण पीड़ित व्यक्ति मल का त्याग करने से घबराने लगता है

ऐसे व्यक्ति कुछ भी खाने से डरने लगते हैं क्योंकि उनको लगता है कि खाने के बाद मोशन (urgency to pass stool)  होगा जिसके कारण अत्यधिक पीड़ा गुदा मार्ग मे होगी

अनेक बातों की एक बात यह है कि बवासीर रोग पीड़ित व्यक्ति की जिंदगी बिल्कुल डिस्टर्ब (Disturb) कर देता है 

ऐसा व्यक्ति हर समय इसी समस्या के बारे में सोच कर परेशान रहने लगता है उसका मन किसी भी अन्य कार्य में नहीं लगता

  • बवासीर के कई मामलों में पीड़ित व्यक्ति को एंजायटी (Anxiety), मानसिक अवसाद (Depression) जैसी अन्य मानसिक समस्याएं भी प्रभावित करने लगती हैं

इसके अलावा बवासीर से पीड़ित व्यक्ति को कब्ज, भूख ना लगना, पेट में गैस बनना, शरीर का दिन प्रतिदिन कमजोर होते जाना इत्यादि लक्षण भी होते हैं


पाइल्स का इलाज हिंदी (treatment of piles in hindi)

Piles या बवासीर की एक्यूट (Acute) स्टेज में पीड़ित व्यक्ति की पीड़ा तथा अन्य लक्षणों को कम करने के लिए मुख्य रूप से आधुनिक उपचार ही ज्यादा कारगर है

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में बवासीर के इलाज के लिए दो प्रकार की चिकित्सा मुख्य रूप से की जाती है…

1. औषधि चिकित्सा (allopathic medicine for piles in hindi)

बवासीर (Piles) से पीड़ित व्यक्ति के दर्द, जलन, खुजली, चुभन तथा गुदा के अंदर संक्रमण (Infection) को कम करने के लिए चिकित्सक के द्वारा रोगी का परीक्षण करने के उपरांत मरीज को कई प्रकार के एंटीबायोटिक (Anti-biotics) जैसे…

  • Cefadroxil 250/500 mg (Tablet Odoxil,Cefadrox,Bicef etc) or 
  • Cefpodoxime Proxetil 100/200 mg (Tablet Monocef 200) or 
  • Roxithromycin 150 mg (Tablet Roxid 150) or 
  • Azithromycin 250/500 mg (Tablet Azee 500) or 
  • Amoxicillin 250/500 mg (Tablet Advent)
  • doxycycline (Doxteric)आदि का सेवन कुछ दिन करवा कर संक्रमण को कंट्रोल किया जाता है

एंटीबायोटिक्स के साथ-साथ दर्द तथा सूजन को कम करने के लिए दर्द निवारक दवाएं (NSA ID’s) जैसे डिक्लोफेनाक सोडियम, पेरासिटामोल (Tablet Seredic-P) इत्यादि का इस्तेमाल रोगी के लक्षणों के हिसाब से किया जाता है


बवासीर मस्से हटाने की क्रीम (Ointment for piles in hindi)

तीसरी दवा के रूप में मुख्य रूप से गुदा मार्ग में होने वाली पीड़ा, जलन तथा चुभन को कम करने के लिए अनेक प्रकार की क्रीम्स का इस्तेमाल गुदा मार्ग में लगाने के लिए किया जाता है जैसे कि…piles in hindi

  • ANObliss 30 gram cream (Nifedipine +Lidocaine)
  • PileSoft ointment 
  • ANO-metrogyl 20 gram cream 
  • Sucral ANO 20 gram cream इत्यादि

इन क्रीम्स का इस्तेमाल उंगली या एप्लीकेटर की मदद से मल त्याग करने के बाद गुदा मार्ग को गुनगुने पानी से साफ करने के बाद दिन में एक से दो बार करने से पीड़ित व्यक्ति को बहुत आराम मिलता है

इसके अलावा बवासीर के मरीज में कब्जियत की शिकायत को दूर करने के लिए आहार में फाइबर का इस्तेमाल अधिक मात्रा में करना बहुत जरूरी है इसके लिए खीरा, मूली, पपीता, सेब, नाशपाती, इसबगोल का छिलका व रोटी के लिए दरदरे आटे का इस्तेमाल करने से कब्जी (Constipation) में बहुत आराम मिलता है

इसके अतिरिक्त कब्जी को दूर करने के लिए नीचे लिखे गए ब्रांड भी बवासीर के रोगी के लिए बहुत लाभकारी हैं जैसे…piles in hindi

  • Lactifiber powder 
  • MuOut by dr reddy 
  • SoftoVac Bowel Regulator by Lupin 
  • softovac Sugar free Bowel Regulator 

बवासीर से पीड़ित व्यक्ति अपने चिकित्सक की सलाह से इन दवाइयों का सेवन कर काफी आराम पा सकता है

इसके अतिरिक्त अगर बवासीर के मस्से काफी बढ़े हो गए हैं मल त्याग के समय बाहर आते है तथा मल त्याग करने के बाद भी बाहर ही रहते हैं बार-बार मस्सों मे से खून बहता है जिसके कारण रोगी को बहुत अत्यधिक पीड़ा, जलन तथा कष्ट को सहन करना पड़ता है

अनेकों दवाइयों का इस्तेमाल करने के बावजूद भी कोई आराम नहीं मिल रहा तो ऐसी स्थिति में शल्य चिकित्सा की मदद से बवासीर से पूरा छुटकारा पाया जा सकता है


2. शल्य चिकित्सा- पाइल्स के ऑपरेशन

(piles surgery in hindi)

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में शल्य चिकित्सा (Surgery) की मदद से बवासीर का इलाज पूरी तरह से संभव है आजकल अनेकों प्रकार की अन्य विधियां भी डॉक्टरों के द्वारा पाइल्स रोग(piles) के उपचार के लिए अपनाई जाती है जैसे कि…

Cauterization 

इस विधि में मस्सों को जलाकर(Burning) या Freezing का इस्तेमाल कर बवासीर का इलाज किया जाता है

Rubber band Ligation 

इस विधि में फूली हुई शिराओं या मस्सों को रबड़ से जड़ से बांधकर उनकी रक्त सप्लाई को रोककर बवासीर का इलाज किया जाता है

स्टेपलर सर्जरी फॉर पाइल्स-Stapled Hemorrhoidopexy 

सर्जरी की मदद से बवासीर के मस्सों को काट कर (Hemorrhoidectomy) निकाल दिया जाता है तथा नीचे के हिस्से को Staple कर Piles का उपचार किया जाता है

Freezing 

सर्जरी के दौरान Extreme Cold का इस्तेमाल कर बवासीर के मस्सों को ठीक किया जाता है

विशेष ध्यान दें 

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में बवासीर का इलाज बवासीर की स्थिति (Stages) तथा रोगी के लक्षणों के अनुसार चिकित्सक की देखरेख में किया जाता है कृपया अपनी मर्जी से बिना चिकित्सक की सलाह लिए किसी भी अंग्रेजी दवाई का इस्तेमाल ना करें

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Sclerotherapy – बवासीर का इंजेक्शन से इलाज

(injection for piles in hindi)

इस विधि में इंजेक्शन की मदद से खास किस्म की दवाई (Injection Polidocanol) को मस्सों में inject कर पाइल्स रोग का उपचार किया जाता है

  • इंजेक्शन के द्वारा बवासीर का उपचार किया जा सकता है इसमें कोई भी संदेह वाली बात नहीं है 
  • परंतु यह इलाज गुदा में स्थित केवल मस्सों (Hemorrhoids) के लिए बना है ना कि गुदा की अन्य बीमारियों जैसे भगंदर (Fistula) तथा Fissure के लिए
  • इसलिए इंजेक्शन थेरेपी का इस्तेमाल करने से पहले यह बात पूरी तरह से सुनिश्चित की जानी चाहिए कि गुदा मार्ग में होने वाली समस्या पाइल्स ही है 
  • अन्यथा कई प्रकार के गंभीर दुष्परिणामों का सामना पीड़ित मरीज को करना पड़ सकता है
  • पाइल्स में इंजेक्शन वाला इलाज केवल इसकी शुरुआती अवस्था (Grade 1 तथा 2) मे ही प्रभावी है
  • बाकी यह इंजेक्शन थेरेपी पाइल्स के लिए कोई गारंटी शुदा इलाज नहीं है
  • कई लोगों में इंजेक्शन लगवाने के कुछ महीनों बाद बवासीर की शिकायत फिर से हो जाती है
  • पाइल्स में इंजेक्शन वाला इलाज केवल पढ़े लिखे पूरे एक्सपर्ट सर्जन से ही करवाना चाहिए

इस इलाज के गंभीर साइड इफेक्ट की वजह से आजकल इसका प्रयोग ना के बराबर (Outdated) ही किया जाता है

Advanced Laser की मदद से बिना टांके लगाए आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में पाइल्स का इलाज संभव है

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पाइल्स का आयुर्वेदिक उपचार (ayurvedic treatment for piles in hindi)

बवासीर या पाइल्स रोग के उपचार के लिए आयुर्वेद में प्रयोग की जाने वाली कुछ पेटेंट औषधियां (ayurvedic medicine for piles in hindi) इस प्रकार हैं जैसे कि…

1. पाइलेक्स टेबलेट by Himalaya (बवासीर के लिए टेबलेट)-piles in hindi

इसकी दो से तीन गोलियां दिन में तीन बार लगातार एक सप्ताह तक सेवन करें तथा उसके बाद 2 गोलियां दिन में दो बार 4 से 6 सप्ताह के लिए इस्तेमाल करें

पाइलेक्स की शुरुआती स्टेज में यह बहुत ही अच्छी तथा असरदार आयुर्वेदिक दवा है

2. अर्शोनिट टेबलेट by Charak- 

यह टेबलेट साधारण तथा फ़ोर्ट के रूप में उपलब्ध है इसकी दो गोलियां दिन में तीन बार साधारण जल से रोगी को 4 से 6 सप्ताह के लिए सेवन करवाएं

इससे रक्तस्त्राव तथा जलन के लक्षणों में बहुत आराम मिलता है

3. अभ्यासन टेबलेट by झंडू फार्मेसी-

दो से चार गोली गर्म जल के साथ दिन में तीन बार 4 से 6 सप्ताह तक बवासीर के रोगी को दें, Piles का नाश करने वाली बहुत ही उत्तम आयुर्वेदिक औषधि है

4. अर्शांतक वटी by धनवंतरी-

एक से दो गोली सुबह-शाम गर्म जल के साथ 4 से 6 सप्ताह तक सेवन करने से बवासीर में बहुत लाभ होता है

5. रक्त -अर्शारि टेबलेट by प्रताप फार्मा-

एक एक गोली दिन में तीन बार लेने से खूनी बवासीर में बहुत लाभ मिलता है ज्यादा रक्त निकलने की स्थिति में दो से तीन गोली दिन में दो बार चिकित्सक की सलाह अनुसार दे सकते हैं

इन दवाइयों के साथ साथ गुदा में लगाने के लिए पाइलेक्स क्रीम (Himalaya) या अर्शोनिट मलहम(Charak) का इस्तेमाल कर बवासीर से छुटकारा पाया जा सकता है

पाइल्स के मस्से सुखाने की दवा आयुर्वेदिक (patanjali medicine for piles in hindi)

इनके अलावा अनेक प्रकार की आयुर्वेदिक शास्त्रीय दवाइयां जैसे कि…

पाइल्स मेडिसिन इन पतञ्जलि:

दिव्य अर्शकल्प वटी by patanjali, दिव्य अभ्यारिष्ट, दिव्य हरीतकी चूर्ण, दिव्य त्रिफला गुग्गुल, दिव्य उदरकल्प चूर्ण, दिव्य शुदी चूर्ण

  • अर्शकुठार रस
  • अर्शोघ्नी वटी
  • कामदुधा रस
  • पुनर्नवा मंडूर
  • रस पर्पटी
  • अभ्रक भस्म
  • प्रवाल पिष्टी
  • मुक्ता पिष्टी
  • प्राणदा वटी
  • अभयारिष्ट
  • कासीसादि तेल

वेदना-अंतक मलहम का प्रयोग आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से किया जा सकता है

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Piles रोगी के लिए हितकर आहार (Food for Piles Patient in Hindi)

जिमीकंद, पपीता, मक्खन, पिस्ता, बदाम, नाशपति, सेब, पुराने चावल का भात, बकरी का दूध, मिश्री तथा मूली आदि पदार्थों का सेवन हितकारी है


पाइल्स में परहेज (Foods to Avoid in Piles Patient in Hindi)

चाय, कॉफी, भुनी तथा तली हुई चीजें, शराब, बीयर, लहसुन, प्याज, मांस, मछली, उड़द की दाल, गरम मसाला व लाल मिर्च इत्यादि पदार्थों का सेवन बवासीर के रोगी को नहीं करना चाहिए

इसके अलावा बवासीर के रोगी को ज्यादा मैथुन करना, उपवास करना, कठोर परिश्रम करना, मल मूत्र के वेग को रोकना, बहुत देर तक खड़े रहना, लंबे समय तक किसी कठोर जगह पर बैठना आदि कार्यों को करने से परहेज करना चाहिए यह सभी काम बवासीर के रोगी के लिए हानिकारक है

औषधियों के अलावा आयुर्वेदिक पद्धति में क्षार सूत्र विधि बवासीर के इलाज के लिए बहुत ज्यादा प्रभावी मानी जाती है इस विधि में एक मेडिकेटेड धागे से बवासीर के मस्सों को जड़ से बांध दिया जाता है ऐसा करने से कुछ ही दिनों में यह मस्से अपने आप ही झड़ जाते हैं इस विधि को करने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक को महारत हासिल होना जरूरी है


बवासीर को ठीक करने के घरेलू उपचार (home remedies for piles in hindi)

घरेलू उपचार बवासीर के इलाज में बहुत सहायक होते हैं परंतु यह उपाय अकेले बवासीर को जड़ से खत्म नहीं कर सकते आप इन उपायों से इस रोग को नियंत्रित कर बढ़ने से रोक सकते हैं इसलिए इन घरेलू उपायों का बवासीर के इलाज में बहुत महत्व है

1. गर्म पानी से बवासीर का इलाज (Hot sitz bath)

बवासीर से पीड़ित व्यक्ति किसी टब या तस्ले इत्यादि में हल्का गर्म पानी भरकर उस पानी में कुछ देर के लिए लगभग 15 से 20 मिनट के लिए आराम से बैठे ऐसा करने से बवासीर के मस्सों में होने वाला दर्द, जलन व खुजली में बहुत आराम लगता है

मेडिकल इलाज के साथ-साथ डॉक्टर भी मरीज को घर पर इस उपाय को करने की सलाह जरूर देते हैं


2. पेट की सिकाई

इसके लिए प्लास्टिक की वाटर बोतल गर्म पानी से भर ले तथा उसे पेट के ऊपर नाभि वाले स्थान पर 3 मिनट के लिए रखें 

  • इसके बाद ठंडे तौलिए से 1 मिनट के लिए पेट की उसी जगह की टकोर करें 
  • फिर 3 मिनट के लिए गर्म पानी की बोतल पेट पर रखें तत्पश्चात फिर 1 मिनट के लिए ठंडे पानी के तौलिए से पेट की टकोर करें 
  • यह प्रक्रिया चार से पांच बार करें 
  • रोगी जब यह प्रक्रिया करें तो उसका पेट खाली होना चाहिए 

यह एक बहुत ही अच्छा बवासीर का प्राकृतिक इलाज है इससे पेट में स्थित यकृत तथा आंतों को बहुत बल मिलता है

इसके अलावा गर्म पानी की बोतल से गुदा मार्ग की सिकाई करने से मस्सों में होने वाली पीड़ा तथा जलन में बहुत आराम महसूस होता है


3. Aloe vera का प्रयोग

पाइल्स या बवासीर रोग का प्रमुख कारण पेट की खराबी या कब्जियत से जुड़ा हैpiles in hindi 

  • ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को घृतकुमारी का गूदा 10 से 15 ग्राम मात्रा में दिन में एक बार गरम पानी के साथ सेवन करने से कब्जियत की शिकायत दूर होती है कठोर मल नरम पड़ने लगता है 
  • मल विसर्जन में रोगी को ज्यादा जोर लगाना नहीं पड़ता इसलिए बवासीर रोग का बढ़ना रुक जाता है 
  • इसके अलावा एलोवेरा जूस का प्रयोग भी पीड़ित व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है

घृतकुमारी या एलोवेरा जेल को गुदा मार्ग में लगाने से बवासीर के मस्सों में होने वाले दर्द, जलन व खुजली में बहुत आराम मिलता है


4. जीरे का प्रयोगpiles in hindi

काली मिर्च तथा जीरे का पीसकर मिश्रण बना लें तथा उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में तीन से चार बार छाछ के साथ लगातार तीन से चार महीने सेवन करने से बवासीर की प्रारंभिक अवस्था में बहुत आराम मिलता है


5. करेले का प्रयोगpiles in hindi

20 ग्राम करेले के पत्तों का या करेले का रस इसमें 10 ग्राम मिश्री मिलाकर हर दिन सुबह खाली पेट लगातार 1 सप्ताह तक सेवन करने से खूनी piles मे आराम मिलता है


6. रीठे के छिलके का उपयोग

रीठे के छिलके को तवे पर जलाकर उसे पीस लें तत्पश्चात उसमें बराबर मात्रा में पपरिया कत्था मिलाकर दोनों को अच्छी तरह से खरल कर ले 

इसके बाद इस औषधि की एक रत्ती (125mg लगभग/ एक चुटकी) की मात्रा मक्खन या मलाई मिलाकर दिन में एक से दो बार बवासीर के रोगी को कुछ दिन देने से बहुत लाभ मिलता है


7. पीली राल का उपयोग

पंसारी से पीली राल को खरीदें तथा 50 ग्राम पीली राल को बारीक पीस लें

इसका प्रतिदिन 6 ग्राम चूर्ण 125 ग्राम दही में मिलाकर बवासीर के रोगी को कुछ दिन सेवन करवाएं, यह नुस्खा खूनी बवासीर में बहुत ही लाभदायक है

मात्र 2 से 3 दिन में ही रोगी को इसका फायदा महसूस होने लगता है इसका सेवन कम से कम 1 सप्ताह तक करें


8. त्रिफला का सेवन

रात को सोते समय त्रिफला चूर्ण दो से 5 ग्राम की मात्रा में हल्के गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से अगले दिन मल त्याग के समय ज्यादा जोर नहीं लगाना पड़ता

इसलिए बवासीर के रोगी के लिए त्रिफला सेवन भी बहुत लाभदायक है


9. नारियल का प्रयोगpiles in hindi

नारियल की जटाओं को जलाकर उसकी भस्म तैयार कर लें इस भसम का सेवन एक से दो चुटकी छाछ के साथ दिन में एक से दो बार करने से बवासीर मे बहुत आराम मिलता है


10. प्याज से बवासीर का इलाज (remedy for piles in hindi)

इसके लिए ढाई सौ ग्राम प्याज को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर धूप में रख उनका पानी सुखा लें तत्पश्चात इन कटे हुए प्याजो को देसी घी में तले तथा थोड़े ब्राउन होने पर उनको बाहर निकाल लेpiles in hindi

  • इन तले हुए प्याजो को सुखा कर मिक्सी में पीसकर सुरक्षित रख ले 
  • इसके बाद थोड़ी सी धागे वाली मिश्री को भी पीसकर सुरक्षित रख ले

इसकी मात्रा 10 ग्राम प्याज का मटेरियल में 20 ग्राम मिश्री पाउडर तथा एक चम्मच गाय का शुद्ध देसी घी मिलाकर दिन में तीन बार यह खुराक चाट कर कुछ दिन लेने से बादी बवासीर में बहुत आराम मिलता है


11. नींबू और दूध से बवासीर का इलाज (milk and lemon for piles in hindi)

इसके लिए गाय का उबालकर ठंडा किया हुआ एक गिलास दूध ले, इस दूध की थोड़ी सी मात्रा एक कटोरी में डाल उसमें दो से 4 बूंदे नींबू रस की डालकर तुरंत इसे पिएmilk and lemon for piles in hindi 

तत्पश्चात फिर से थोड़ा दूध कटोरी में डाल उसमें फिर से तीन से चार बूंद नींबू रस की डालकर सेवन करें 

  • ऐसा करते करते एक गिलास दूध तथा एक नींबू के रस का सेवन करें

यह नुस्खा खूनी बवासीर के लिए बहुत उपयोगी है पहले दिन से ही रोगी को आराम महसूस होने लगता है


12. सरसों के तेल का प्रयोग

बवासीर की शुरुआती अवस्था में जब गुदा मार्ग के अंदर की नसे फैलना शुरू करती हैं 

  • ऐसी अवस्था में मल त्याग करने के बाद हर रोज अपनी उंगली (Index finger) से गुदा मार्ग के अंदर सरसों के तेल को लगाने से यह बीमारी उसी वक्त नियंत्रित होने लगती है 

इस प्रक्रिया को मूल शोधन या गणेश क्रिया भी कहते हैं


13. अश्वनी क्रिया का उपयोग

इस प्रक्रिया में पीड़ित व्यक्ति को अपने गुदा मार्ग को बार-बार टाइट करके ढीला छोड़ना है ऐसा करने से गुदा मार्ग में मौजूद मांसपेशियां Strong होने लगती है तथा कब्ज की स्थिति भी नियंत्रित होने लगती है


14. पालक, चुकंदर, गाजर व आंवला जूस

उपरोक्त चारों चीजों का जूस बनाकर सुबह खाली पेट सेवन करने से पेट की सारी गंदगी बाहर निकल जाती है कब्जियत की शिकायत दूर होने लगती है 

  • यकृत को बल मिलता है 

शरीर की अंदर से Detoxification होने लगती है यह जूस का प्रयोग बवासीर के रोगियों के अलावा सामान्य व्यक्तियों के लिए भी बहुत लाभदायक है

इस जूस का प्रयोग लगातार कुछ दिन सुबह खाली पेट करना बहुत जरूरी है


15. मुनक्का व अंजीर का प्रयोग

piles in hindi
मुनक्का

अंजीर तथा मुनक्का को रात को पानी में भिगोकर अगले दिन सुबह खाली पेट कुछ दिन तक सेवन करने से बवासीर के रोगी का पेट अच्छी तरह से साफ होने लगता है इससे बवासीर की शुरुआती अवस्था में बहुत लाभ होता है


बवासीर के लिए होम्योपैथिक दवाइयां (homeopathic medicine for piles in hindi)

1. Sulphur 30 CH – बवासीर के मस्सों में अत्यधिक जलन तथा कब्जियत के कारण कठोर हुए मल को नरम करने के लिए बहुत ही असरदार होम्योपैथिक दवा है

इस दवा के दो बूंद सुबह सीधा जीवा (Tongue) पर डाल के दिन में एक बार लेने हैं


2. Nux Vomica 30 CH- शराब तथा मांसाहार का सेवन जरूरत से ज्यादा करने के कारण पाचन संस्थान में आई हुई गड़बड़ी के कारण अगर पाइल्स रोग हो गया है तो ऐसी स्थिति में इस दवा की दो बूंद रात को लगातार कुछ दिन लेने से बहुत आराम मिलता है


homeopathic medicine for piles in hindi
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3. BC 17 by Dr Reckeweg- बायो कांबिनेशन नंबर 17 या पाइल्स कॉन्बिनेशन के नाम से भी मार्केट में उपलब्ध है

इस दवा की 6 गोलियां थोड़े से गुनगुने पानी में डालकर दिन में तीन बार कुछ दिन तक इस्तेमाल करने से बवासीर रोग में होने वाली चुभन, पीड़ा व जलन बहुत आराम मिलता है


  • 4. Hamamelis Virginica Mother tincture-
  • 5. Paeonia off Mother tincture-
  • 6. Aesculus Hippocastanum-

बवासीर से पीड़ित व्यक्ति को 4,5 व 6 नंबर वाले तीनों मदर टिंक्चर्स को होम्योपैथिक मेडिकल स्टोर से खरीद कर साफ कांच की शीशी में 10ml हर एक की मात्रा को बराबर मात्रा में मिलाकर पाइल्स का बढ़िया कॉन्बिनेशन तैयार कर लेना है

इस कॉन्बिनेशन की 20 बूंदे आधे कप पानी में डालकर दिन में तीन बार सेवन करने से बवासीर के रोग में होने वाली पीड़ा, चुभन, जलन तथा अन्य प्रकार के कष्टों से बहुत आराम मिलता है


7. Pilen forte drops by medicine company-

इस दवा की 5 बूंदे सुबह शाम सीधे जीवा (Tongue) पर डालकर सेवन करने से पाइल्स रोग में बहुत आराम मिलता है


piles in hindi
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8. WL28 pilex drops by WHEEZAL company- यह होम्योपैथिक दवा अनेक प्रकार की अन्य होम्योपैथिक दवाइयों का मिश्रण है इसमें निम्नलिखित दवाइयां मिलाई गई है

  • Acid Nitricum for itching & burning
  • Aloe for bunch of grapes   
  • Blumia for bleeding 
  • Graphite for itching 
  • Aesculus for burning and wound healing Hamamelis Virginica फ़ॉर bleeding 
  • Kali carb for फ़ॉर gastric problems 
  • Millefolium for pain and bleeding 
  • Paeonia for fistula and fissures
  • Nux Vomica 

इसकी मात्रा 5 से 10 बूंदे थोड़े से पानी में डालकर दिन में तीन से चार बार खाना खाने से आधा घंटा पहले ले सकते हैं

MRP- 145 रुपए के लगभग


9. FP TABS by SBl- यह होम्योपैथिक गोलियां पाइल्स तथा Fissure (गुदा मार्ग का कटना या छिलना) के इलाज के लिए बहुत ही असरदार तथा सस्ती दवा है

  • इस अकेली दवा के सेवन से भी पाइल्स या बवासीर का इलाज संभव है
  • अनेक प्रकार की महत्वपूर्ण होम्योपैथिक औषधियों का मिश्रण इस दवा में डाला गया है
  • इसकी मात्रा 2 गोलियां दिन में तीन से चार बार चूस के खानी है
  • अगर समस्या ज्यादा है तो ऐसी स्थिति में दो गोलियां दिन में चार से पांच बार लगातार 1 से 2 महीने तक सेवन की जा सकती है
  • इसके साथ साथ FP ointment को गुदा में मौजूद मस्सों पर दिन में दो से तीन बार लगाएं

इस अकेले इलाज से थोड़े ही दिनों में बवासीर की समस्या में बहुत आराम मिलता है


होम्योपैथिक प्रिसक्रिप्शन FOR PILES…

बवासीर से पीड़ित व्यक्ति के लिए होम्योपैथिक प्रिसक्रिप्शन…

Rx 

  • Sulphur 30 -CH दो बूंदें सुबह के समय
  • Nux Vomica -30 CH दो बूंदे रात के समय
  • Pilen drops – 5 बूंदे सुबह शाम खाने के बाद
  • पाइल्स कॉन्बिनेशन- 20 बंदे आधा कप पानी में डालकर दिन में दो से तीन बार

इसके साथ

  • BC 17- 6 tablets पानी में डालकर दिन में तीन बार

Note- 

ज्यादा बढ़िया परिणाम प्राप्त करने के लिए कृपया अपने होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह मशवरा जरूर करें

इसे बि पढ़े “homeopathic medicine for kidney stone in hindi-गुर्दे की पथरी की प्रमुख होम्योपैथिक दवाएं”


निष्कर्ष (piles in hindi)

बवासीर का मूल कारण कब्ज (Constipation) यानि पेट के साफ ना होने से जुड़ा है इसलिए यह रोग ना हो इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने आहार में हरे पत्तेदार सब्जियां तथा फलों को शामिल करना बहुत जरूरी है 

  • चाय, कॉफी, शराब, गरम मसाला, लाल मिर्च, तली भुनी चीजें इत्यादि पदार्थों का परहेज जरूरी है 
  • शौच (Toilet use) करते समय गुदा मार्ग पर ज्यादा जोर ना डालें और ना ही लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठे रहें

अगर आपको कब्ज की समस्या है तो इसका समाधान तुरंत करें अन्यथा यह बवासीर में परिवर्तित हो जाएगी जिससे आगे चलकर अनेक प्रकार की जटिलताएं जैसे गुदा मार्ग में पाक (Pus) का पड़ना, भगंदर (Fistula in Ano), Anal Fissure जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है

  • मांस, मछली जैसे आहार भी बवासीर के लिए हानिकारक हैं इसलिए ऐसे आहार का त्याग कर सात्विक आहार का सेवन मनुष्य को करना चाहिए

आजकल बिना किसी दर्द या चीर फाड़ के सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पाइल्स का इलाज एडवांस लेजर तकनीक (Advance Laser) है

इस तकनीक की मदद से कुछ ही घंटों में बिना ज्यादा कष्ट सहन किए बवासीर का इलाज हो जाता है

आयुर्वेद मे क्षार सूत्र विधि बवासीर के इलाज़ के लिए बेस्ट है

इसे भी पढ़े – “diabetes in hindi-डायबिटीज के कारण, लक्षण, निदान व उपचार”


अस्वीकरण (piles in hindi)… 

इस आर्टिकल में बताई गई बातें, उपचार के तरीके व खुराक की जो भी सलाह दी जाती है वह सब हेल्थ स्पेशलिस्टस के अनुभव पर आधारित होती है 

किसी भी मशवरे को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर कर ले, सेहत से जुड़े हुए आर्टिकल्स आपको अपने आप अपनी मर्जी से दवाइयां लेने की सलाह नहीं देते


Information Compiled- by Dr Vishal Goyal

piles in hindi

Bachelor in Ayurvedic Medicine and Surgery

Post Graduate in Alternative Medicine MD(AM)

Email ID- [email protected]

Owns Goyal Skin and General Hospital, Giddarbaha, Muktsar, Punjab


  संदर्भ:

https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/hemorrhoids/symptoms-causes/syc-20360268- Hemorrhoid study

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4315650/- Laser technique more effective in the treatment of Hemorrhoids

https://www.jagran.com/uttar-pradesh/varanasi-city-10309452.htmlक्षार सूत्र treatment of piles

https://www.webmd.com/digestive-disorders/sitz-bathHot sitz bath role in Hemorrhoids


 

 

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