मर्दाना कमज़ोरी दूर भगाने की अनुभूत होमियोपैथिक औषधियाँ

मर्दाना कमज़ोरी दूर भगाने की अनुभूत होमियोपैथिक औषधियाँ

मर्दाना कमजोरी दूर करने की बेस्ट होमियोपैथिक औषधियाँ….

1. लाइकोपोडियम (Lycopodium)-

अमरीका के संसार प्रसिद्ध होमियोपैथिक डॉक्टर नेश एम. डी. लिखते हैं कि लाईकोपोडियम मर्दाना कमज़ोरी दूर करने की बहुत ही सफल दवा है।

जब कोई बूढ़ा कामवासना से विवश होकर बुढ़ापे में दूसरी या तीसरी बार शादी कर लेता है परन्तु अपनी जवान स्त्री को खुश नहीं कर सकता, ऐसी स्थिति में पति पत्नी दोनों दुःखी रहने लग जाए तो लाइकोपोडियम ऊँची शक्ति की एक ही मात्रा पति पत्नी दोनों को डॉक्टर का मित्र बना देती है।

बड़ी शक्ति में इस दवा को खाने से बूढ़ों तक में कामवासना और जवानी की लहरें दौडने लग जाती हैं। इस दवा का प्रभाव स्थायी होता है। इसलिये कुछ समय छोड़-छोड़कर ही खिलाई जाये।

  • 200, 1000, 10,000 या एक लाख शक्ति की दवा मर्दाना शक्ति के लिये प्रयोग की जाती है। जितनी ऊँची शक्ति होगी उतना ही अधिक लाभ होगा।

नवयुवक जो हस्तमैथुन करके अपना सर्वनाश कर लेते हैं, उनकी मर्दाना शक्ति घट जाती है और वे नपुंसक हो जाते हैं। उनकी इन्द्री साधारण से छोटी, ठण्डी, टेढी, शिथिल और ढीली हो जाती है।

उनकी कामवासना साधारण से भी बढ़ी हुई होती है परन्तु वे सम्भोग के अयोग्य हो जाते हैं। मैंने ऐसे पुराने और असाध्य रोगी भी इस दवा की ऊँची शक्ति से ठीक कर लिये हैं।

  • एक हजार शक्ति की दवा 7 दिन बाद एक ही मात्रा प्रातः समय बिना कुछ खाये खिला दी जाये तथा दूसरी मात्रा दूसरे सप्ताह दे दी जाये।
  • 5 बूँदें दवा को थोड़ी मिल्क शूगर या खांड में भली प्रकार मिलाकर रोगी को प्रातः समय खिला दें या सायं एक मात्रा खिला दिया करें।
  • 200 शक्ति की दवा तीसरे दिन, एक हजार शक्ति की सप्ताह में एक बार और एक लाख शक्ति की एक मास बाद एक ही मात्रा खिलानी काफी होती है।

2. फॉसफोरिक एसिड (Phosphoric Acid)-

मर्दाना कमजोरी, नपंसकता और इससे उत्पन्न रोगों और कमजोरियों में यह उच्चकोटि की होमियोपैथिक दवा है।

इसकी जितनी प्रशंसा की जाये, कम है। वे जवान और बूढ़े जिन्होंने अपने वीर्य का हस्तमैथुन या अधिक सम्भोग से सर्वनाश कर लिया है, जिसके कारण जवानी में बूढ़े हो चुके और कई रोगों और कमजोरियों से ग्रस्त हो गये हैं।

  • अधिक वीर्यनाश से दिल अधिक धड़कना,
  • चेहरा पिचक जाना,
  • आँखें अन्दर धंस जाना,
  • दिमाग बहुत कमजोर हो जाना,
  • वजन गिर जाना,
  • कमर में दर्द रहना,
  • वीर्य पानी की भाँति पतला हो जाना,
  • शीघ्रपतन,
  • सम्भोग न कर सकना,
  • इन्द्री में जोश और एरेक्शन उत्पन्न न होना,
  • एक रात में कई बार स्वप्नदोष हो जाना,
  • वीर्य प्रमेह,

मूत्र बार-बार आना और इन रोगों के कारण दिमाग और शरीर के तमाम अंग बेकार हो चुके हों तो इस दवा से रोगी की काया पलट जाती है। यह दवा दिमागी कमजोरी में सब दवाओं से अधिक अनुभूत है।

सम्भोग के बाद सिर दर्द होना, सुस्ती आना, दिल अधिक धड़कना, इन्द्री के दोष आदि सब कष्ट दूर हो जाते हैं, हाथों, पाँवों में कुड़ल पड़ना, रात को हडियों में दर्द होना, सर्दी अधिक लगना, रात को और प्रातः समय अधिक पसीना आने को भी आराम आ जाता है।

  • इस दवा के मदर टिंक्चर की 3 से 5 बूंदें दिन में तीन बार 20 से 30 मि.लि. जल में मिलाकर देते रहें या भोजन करते समय 4 बूंद दवा एक गिलास जल में मिलाकर पिला दिया करें।

3. एवेना स्टीवा-Q (Avena Sativa-Q)-

यह औषधि तमाम शरीर को ओवरहाल करके कमजोर, बूढ़ों और नपुंसकों में नया जीवन उत्पन्न करती है।

  • ये औषधि मस्तिष्क, नाड़ी संस्थान (नर्वस सिस्टम) में जोश और शक्ति उत्पन्न करती है थोडा काम करने पर थक जाना, नींद न आना, याद न रहना आदि रोगों को दूर करती है मानसिक परिश्रम करने वाले जैसे विद्यार्थी, अध्यापकों, वकीलों के लिए विशेष लाभप्रद है।
  • दिल की कमजोरी, हृदय अधिक धड़कना, बिना कारण क्रोध आ जाना, अधिक शराब पीने के कारण नींद न आने में भी लाभप्रद है।
  • रात को स्वप्न में या बिना स्वप्न या मूत्र, पाखाना करते समय वीर्य निकल जाना, पतला और वीर्यकीटों का कमजोर होना तथा मर्दाना कमजोरी में भी बहुत लाभप्रद है।
  • इस औषधि के प्रयोग से अफीम, शराब और तम्बाकू पीने की बुरी आदतें तक छूट जाती हैं। बढापे में कम्पनवात और कम्पनमुक्त पक्षाघात जैसे रोग दूर हो जाते हैं।
  • 10 से 20 बूँद औषधि जल में मिलाकर दिन में 2-3 बार तीन सप्ताह तक पिलायें।

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4. जैल्सीमियम-Q (Gelsimium-Q)-

रात को कई बार इन्द्री में जोश आकर या बिना स्वप्न आये वीर्य निकल जाये, गुप्ताँग सर्द, ढीले-ढीले और लटके हुये, हस्तमैथुन के रोगियों के स्वप्नदोष, वीर्य प्रमेह, रोगी चिड़चिड़ा और साहसहीन हो तो 5-8 बूंद जल में मिलाकर दिन में 2-3 बार पिलायें।”


5. एग्नस कास्टस-Q (Agnus Castus-Q)-

जवानी की कुचेष्टाओं, हस्तमैथुन और अधिक वीर्यनाश कर लेने के कारण रोगी जवानी में बूढ़ा दिखाई देने लग जाये, मानसिक शक्ति घट चुकी हो, वीर्य पतला और आसानी से मूत्र और पाखाना के साथ वीर्य निकल जाये, नपुंसकता, मर्दाना अंग ढीले-ढीले, ठण्डे और सम्भोग इच्छा न हो, सुजाक से उत्पन्न नपुंसकता की मुख्य औषधि है।

वीर्यनाश से दृष्टि कमजोर, समय से पूर्व बुढ़ापा आ जाना, रोगी आत्महत्या करने का विचार करे और अत्यन्त दुःखी रहे।

  • 5 बूंद जल में मिलाकर दिन में 2-3 बार दें।

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6. स्टीफिसेगेरिया-Q (Stephysagaria-Q)-

हस्तमैथुन का रोगी जो दूसरों से आँख न मिलाये, हस्तमैथुन के कारण आँखें अन्दर धंसी हों और उनके नीचे काली लाईन दिखाई दें, सख्त निराशावादी, दुःखी, दिमाग सख्त कमजोर, कोई बात याद न रहे, थोड़ा लिखने-पढ़ने पर थकावट हो जाना, बूढ़ों की नपुंसकता में कामवासना और सम्भोग इच्छा होना, परन्तु सम्भोग के योग्य न होना।

रोगी जिसमें सम्भोग इच्छा बिल्कुल न रही हो और सम्भोग के समय इन्द्री में जोश न आता हो, गुप्तांग ठण्डे, पुराने सुजाक से उत्पन्न नपुंसकता में 5 बूंद पानी में मिलाकर दिन में 2-3 बार पिलायें।


7. डमियाना-Q (Damiana-Q)-

अधिक सम्भोग और वीर्यनाश, आतशक (उपदंश), सुजाक, मस्तिष्क पर चोट लग जाना या किसी भी कारण से हई नपुंसकता में अनुभूत दवा है।

रोगी की शारीरिक व मानसिक शक्ति और नाडी संस्थान सख्त कमजोर हो चुके हों, सम्भोग करते ही सास फूल जाये, थोडे परिश्रम से थकावट हो, इन्द्री से प्रॉस्टेट ग्लैण्ड का लेसदार तरल निकलता रहे।

  • 5 बूंद थोड़े पानी में मिलाकर दिन में 2-3 बार दें।

8. अश्वगंधा (Ashwagandha-Q)-

नपुंसकता मर्दाना शक्ति बिल्कुल कम हो जाने से रोगी काफी दुबला हो जाये, उसकी मानसिक शक्ति कमजोर हो चुकी हो, पढा-लिखा याद न रहे, कमर व टॉगों में दर्द हो. रोगी सर्दी सहन न कर सके बार-बार सर्दी जुकाम हो जाय, पढ़ाई में कमजोर, स्वप्नदोष हो जाये, बढ़ापा आ जाये तो इस दवा से मात्र एक महीने में रोगी की काया पलट जाती है और नई शक्ति, जोश और जवानी आ जाती है।

  • 5 से 10 बूंदें थोड़े पानी में मिलाकर दिन में 2-3 बार दें।

मर्दाना शक्ति और मानसिक शक्ति उत्पन्न करने वाला चमत्कारी योग-

यह योग हर प्रकार की मर्दाना कमजोरी और नपुंसकता को दूर करके मनुष्य को मोटा ताजा बना देने वाला है 

इसका सेवन वज़न बढ़ाता और स्नायु शक्ति बढ़ाता है। बूढ़े और कमजोर रोगियों में इस योग से जवानी वापस आने लगती है  इससे नया रक्त उत्पन्न होता, भूख बढ़ जाती, खाया-पिया हज्म होने लगता है और चेहरे का रंग गुलाब के फूल की भाँति निखर आता है।

योग-

  1. एसिड फासफोरिक Q-2 बूंद
  2. डमियाना Q- 4 बूँद
  3. अश्वगन्धा Q 4 बूंद
  4. स्टीफिसेगेरिया Q 2 बूंद
  5. एवेना स्टीवा Q 4 बूंद

ऐसी एक मात्रा ताजा पानी 30 मि.ली. में मिलाकर दिन में तीन बार दें। 1-2 सप्ताह तक सम्भोग से परहेज रखें। थोड़े ही दिनों में इसके सेवन से आपको बहुत ही लाभ मिलेगा

नोट- किसी भी दवा के शुरू करने से पहले किसी होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह मशवरा जरूर करें


अस्वीकरण (disclaimer)… 

  • इस लेख की सामग्री व्यावसायिक चिकित्सा सलाह(professional medical advice), निदान(diagnosis) या उपचार(ट्रीटमेंट) के विकल्प के रूप में नहीं है।
  • चिकित्सीय स्थिति के बारे में किसी भी प्रश्न के लिए हमेशा चिकित्सीय(doctor कंसल्टेशन) सलाह लें।
  • उचित चिकित्सा पर्यवेक्षण(without proper medical supervision) के बिना अपने आप को, अपने बच्चे को, या किसी और का  इलाज करने का प्रयास न करें।

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  • “मर्दाना कमज़ोरी दूर भगाने की अनुभूत होमियोपैथिक औषधियाँ” के लेखक: डॉ. वी .के. गोयल आयुर्वेदाचार्य B.A.M.S. M.D.(AM)
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